Tips for an all round Success in Life from His Holiness Saint Shri Asharamji Bapu.
Saturday 26 September 2009
Heart व वायु सम्बन्धी बीमारियों में
Monday 14 September 2009
Swine Flu
नीम के पत्ते हटाकर जो उसकी डाली होती है ना... डंठली.. वो ११ डंठली (बच्चा है तो ७ और मोटा है तो २१) और ढाई काली मिर्च लेकर पत्थर पे जैसे चटनी बनाते हैं ना, (ऊपर ऊपर का जो छिलका है वो तो निकल जायेगा, गिरी गिरी बचेगी), वो चाट लें और पानी पी लें l तुलसी के पत्ते कभी खा लें, फ्लू में आराम होगा l
Khargaon 25th Aug. 2009
Thursday 10 September 2009
श्राद्ध सम्बन्धी बातें
- श्राद्ध कर्म करते समय जो श्राद्ध का भोजन कराया जाता है, तो ११.३६ से १२.२४ तक उत्तम काल होता है l
- गया, पुष्कर, प्रयाग और हरिद्वार में श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
- गौशाला में, देवालय में और नदी तट पर श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
- सोना, चांदी, तांबा और कांसे के बर्तन में अथवा पलाश के पत्तल में भोजन करना-कराना अति उत्तम माना गया है l लोहा, मिटटी आदि के बर्तन काम में नहीं लाने चाहिए l
- श्राद्ध के समय अक्रोध रहना, जल्दबाजी न करना और बड़े लोगों को या बहुत लोगों को श्राद्ध में सम्मिलित नहीं करना चाहिए, नहीं तो इधर-उधर ध्यान बंट जायेगा, तो जिनके प्रति श्राद्ध सद्भावना और सत उद्देश्य से जो श्राद्ध करना चाहिए, वो फिर दिखावे के उद्देश्य में सामान्य कर्म हो जाता है l
- सफ़ेद सुगन्धित पुष्प श्राद्ध कर्म में काम में लाने चाहिए l लाल, काले फूलों का त्याग करना चाहिए l अति मादक गंध वाले फूल अथवा सुगंध हीन फूल श्राद्ध कर्म में काम में नहीं लाये जाते हैं l
Gurgaon 5th Sep. 2009
गंजापन
Gurgaon 5th Sep. 2009
Wednesday 9 September 2009
Cholestrol problem
दूध पीते हैं तो उसमे ज़रा सा तज (दालचीनी) डाल दो, कोलेस्ट्रोल कण्ट्रोल होगा l
Gurgaon 5th Sep. 2009
Tuesday 8 September 2009
कलह-कलेश में :-
जिनके शरीर में आधि आती हो, मन में व्याधियां और अशांति होती हो, वे लोग २१ दिन तक पीपल देवता को जल चढाएं l जल में थोड़ा गुड़ डाल दें, ताकि कुटुंब में मिठास आये और थोड़े चने डाले दें ........ और पीपल देवता को रोटी चढाएं और ॐ खं खं ......... का जप करें l पति-पत्नी का मन मुटाव शांति में बदल जाएगा l Gurgaon 6th Sep. 2009
धातु सम्बन्धी बीमारियों में :-
- चने की दाल भिगा दिया सुबह, भोर में और रात्रि को चने की डाल और थोड़ी शक्कर मिलाकर खाएं और फिर दूध न पियें, पानी न पियें, एकाध घंटे बाद सो जाएँ l धातु की दुर्बलता दूर होती है, ब्रह्मचर्य पालने में मदद मिलती है l
- जामुन की गुठली सुखा, छाया में और फिर उसका पाऊडर बना के रख दें l ४-४ ग्राम सुबह-शाम पाऊडर फांकें l स्वप्नदोष की, धातु क्षय की बीमारियाँ दूर होती हैं l
Gurgaon 04th Sep. 2009
Tuesday 1 September 2009
भोजन करने की विधि