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Thursday 28 January 2010

अशांति मिटाने के लिए

गाय के गोबर के कंडे लें, उसके ऊपर घी में भीगे हुए चावल डालकर जलाएं l घर में शांति आएगी व वास्तु दोष दूर होंगे l

Ghaziabad Satsang

दमा मिटाने के लिए

दमा मिटाना है तो पीपल के पत्ते इकठ्ठे करके छाया में सुखा दो l फिर उसको जला दो, उसकी राख बना लो l ३-४ ग्राम सुबह-शाम शहद में दे दो l १५-२० दिन में दमे का दम निकल जायेगा l १ महीने में तो दमा सदा के लिए भाग जायेगा l

Guna 25th Jan. 2010

Friday 22 January 2010

दिमागी कमजोरी के लिए

दिमागी कमजोरी है तो २० अखरोटों को गिरी तोल लो उतनी मिश्री लो ..... दोनों को मिलाकर पीस के रख दो l रोज़ २ अखरोट के साथ पिसी मिश्री, दूध में डालो और चुस्की ले के पिया करो l दिमागी कमजोरी ठीक हो जाएगी l

नोट : रोज़ २ अखरोटों से ज्यादा ना लें l

Faridabad 1st Jan 2010

वात और पित्त सम्बन्धी बीमारियों में

३ नीम के पत्ते, २ बेल के पत्ते और २ काली मिर्च......उनको अच्छी तरह से पीसें और १ कप (७०-८० ml) पानी में घोल के सुबह शाम पिया करें .......तो वात और पित्त सम्बन्धी बीमारियाँ मिटेंगी और भूख भी अच्छी लगेगी l


Faridabad 1st Jan 2010

Wednesday 20 January 2010

ग्वारपाठा

ग्वारपाठा २५-३०-४० ग्राम पीस दो मिक्सी में, थोड़ा पानी डाल के, छान के पी लो ....... तो पित्त और कफ से बनी हुई कई बीमारियाँ और शरीर में कील और दाद है ......और दीमड़े होते है ना....गालों पर.... वो सब कफ और पित्त की सारी बीमारियाँ - डोज़ लेने से ठीक हो जाती हैं l

Ujjan 17th Jan. 2010

बिच्छू काटने पर

किसी को बिच्छू ने काटा हो तो ३-४ कलियाँ लहसुन की और चुटकी भर नमक पीस के काटने वाली जगह पर रगड़ो, लेप करो l बिच्छू काटे का ज़हर और पीड़ा गायब हो जाएगी l

Ujjan 17th Jan. 2010

वास्तु के नियम

  • घर की छत धरती से सवा दस फुट की ऊँचाई पर होनी चाहिए l
  • घर के बड़े को दक्षिण-पश्चिम में रहना चाहिए l
  • धरती कैसी होनी चाहिए..... पश्चिम में ऊँची हो, पूर्व में ढली हो, दक्षिण में ऊँची हो और उत्तर में ढली हो l उस धरती पे कुछ भी करेगा मकान, धंधा ........सब टनाटन, छनाछन होगा l

Ujjan 17th Jan. 2010

Tuesday 19 January 2010

मंगलमय पुण्यदायी तिथियाँ

१९ जनवरी  २०१०मंगलवार चतुर्थी- अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ...जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...
- बिना नमक का भोजन करें
-
मंगल देव का मानसिक अहवान करो...
-
चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें
कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा l

कर्जे से मुक्ति पाना हो तो:
फालतू खर्चा और क्रेडित कार्ड से जान छुडाओ ..भारी ब्याज से जान छुडाओ, जो भारी ब्याज लेते हैं ..उनको बोलो की ब्याज रोक दो ..रकम देंगे पक्की बात है...कुछ अपना पुरुषार्थ करो ..कुछ व्यावहारिक कला कौशल करो...

कर्जे से डूबे हुए लोग 19th जनवरी का फयदा उठाओ
२० जनवरी २०१० : वसंत पंचमी : सरस्वती माँ का अविर्भाव दिवस है , विद्याप्रेमी सारस्वत्य मंत्र का जप , सरस्वती जी का ध्यान , सूर्य नारायण का ध्यान , आदि से फायदा उठायें l
२१ जनवरी २०१० : दरिद्रता हरण करने वाली षष्ठी है , भविष्य पुराण में इसकी महिमा लिखी है , पके चावल दूध , घी और शक्कर गरीब को, गाय को , ब्राह्मण को दान करे , दरिद्रता दूर करने के लिए २१ जन्म दारिद्र्य निवृत्ति दिवस है l
२२ जनवरी २०१० : रथ सप्तमी , सूर्यदेव के निमित स्नान , दान ,होम , पूजन , सत्कर्म करे तो १००० गुना फल मिलता है l


17th Jan'10, Ujjain

Monday 18 January 2010

जोड़ों के दर्द में

  • जोड़ों के दर्द में स्नान के समय १-२ बेल पत्र का रस निकाल कर शरीर पर मलें ......फिर गुनगुने पानी से स्नान कर लें l जोड़ों के दर्द व वायु सम्बन्धी बीमारी में आराम होगा l
  • 1 लीटर पानी उबाल के ७५० ml कर लो और ज़रा सी अजवाइन डाल दो और वही पानी भोजन के समय भी पियो l ठन्डे पानी से परहेज़ करो l पैरों में जुराब अथवा चप्पल ज़रूरी है l
  • भोजन के समय गुनगुना पानी १ गिलास .......उसमे आधी चुटकी सौंठ मिला कर पियो और भोजन थोड़ा कम करो l

Hoshangabad 10th Jan. 2010

Saturday 16 January 2010

सर्दी सहन न होने पर

कुछ लोगों को सदी सहन नहीं होती ...थरथराते हैं, दांत आपस में टकराते हैं, हाथ कांपते हैं l
  • वे लोग कड़ाई में थोड़ा सा घी डाल दें और फिर उसमे गुड़ गला दें l जितना गुड़ उतना सौंठ डाल दें l थोड़े से घी में गला के सेंक दिया l एक-एक चम्मच खाने से सर्दी झेलने की ताकत आ जाएगी l सुबह शाम चाट लें l
  • राई पीस के शहद के साथ पैरों के तलवों में लगा दें तो भी सर्दी में ठिठुरना बंद हो जायेगा l

Faridabad – 01.01.2010

काम-धंधे में बरकत के लिए

नौकरी या काम-धंधे में बरकत नहीं आती हो तो गाय की धूलि लेकर उसको ललाट पर लगाकर काम-धंधे पर जाएँ l धीरे-धीरे बरकत होने लगेगी और विघ्न हटने लगेंगे l

From Bapuji Satsang

Thursday 14 January 2010

मेवों द्वारा बल व स्वास्थ्य की प्राप्ति

  • अखरोट :- १० अखरोट को गाय के घी में भून कर मिश्री मिलाकर खाने से स्मरण शक्ति तीव्र होती है l मानसिक थकावट दूर हो जाती है l लहसुन के साथ पीसकर घी में भूनकर खाने से क्षयरोग (टी.बी.) में बहुत लाभ होता है l २० ग्राम अखरोट, मिश्री व केसर दूध में मिलाकर पीने से नपुंसकता में लाभ होता है l मुंह के लकवे में अखरोट के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है l
  • अंजीर :- अंजीर में लौह प्रचुर मात्रा में होने से रक्त की वृद्धि होती है l यह रक्त की शुद्धि भी करता है l इसमें निहित विटामिन "ए" नेत्रज्योति की सुरक्षा करता है l अंजीर में पेट के मल को निष्कासित करने की विशेष क्षमता है l पुरानी खांसी, दमा, टी.बी., रक्तपित्त, पुराना गठिया रोग, बवासीर, पित्तजन्य त्वचाविकारों में अंजीर का सेवन लाभदायी है l २ सूखे अंजीर रात को पानी में भिगोकर सुबह और सुबह भिगोकर शाम को खाने से इन व्याधियों में लाभ होता है l
  • बादाम :- स्मरणशक्ति व नेत्रज्योति की वृद्धि के लिए बादाम बहुत उपयोगी है l यह उत्कृष्ट वायुशामक व सप्तधातुवर्धक है l ५ भीगे हुए बादाम छिलके उतारकर २-३ काली मिर्चे के साथ खूब पीसकर मक्खन-मिश्री अथवा दूध के साथ सेवन करने से स्मरंशक्ति व नेत्रज्योति बदती है l बादाम का तेल नाक में डालने से मस्तिष्क को शीघ्र ही बल मिलता है l इससे सिरदर्द भी मिट जाता है l इसका निरंतर प्रयोग हिस्टीरिया में बहुत लाभदायी है l गर्भवती स्त्री को ९वां महीना लगते ही १० ग्राम बादाम का तेल दूध व मिश्री के साथ देने से प्रसव सुलभ हो जाता है l
  • पिस्ता :- सूखे मेवों में आँतों को बल प्रदान करने में पिस्ता सर्वोत्तम है l
सावधानी : सूखे मेवों का सेवन विशेषतः सर्दियों में तथा मात्रावत करना उचित है l

Rishi Prasad –Dec. 2009

शीत ऋतु के बलवर्धक प्रयोग

  • मखाने और सूखे सिंघाड़े - दोनों आधा-आधा किलो की मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीसकर मिला लें तथा बरनी (जार) में भरकर रख लें l प्रतिदिन सुबह खाली पेट १ चम्मच (५ ग्राम) पिसी मिश्री मिलाकर एक गिलास दूध के साथ फांक लें या मिश्री दूध में घोल लें और चूर्ण फांक कर ऊपर से दूध पी लें l इसी प्रकार शाम को भोजन के ३ घंटे पहले भी सेवन करें l तीन महीने तक यह प्रयोग करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट होगा l
नोट : (मखाने खरीदते समय अच्छी तरह देख लें, कहीं उनमे कीड़े तो नहीं हैं l)
  • विदारीकन्द (विधारा) और अश्वगंधा आधा-आधा किलो की मात्रा में लेकर अलग-अलग पीसकर छान लें l इस मिश्रण में एक किलो पिसी हुई मिश्री मिलाकर तीन बार छननी से छानें ताकि तीनों अच्छे से मिश्रित हो जायें l इसे कांच के बर्तन में भरकर रख लें l रोज़ १-१ चम्मच (५-५ ग्राम) चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ ३ माह तक लें l दूध न मिल सके तो शहद में मिलाकर चाट लें l पानी के साथ भी ले सकते हैं l यह बहुत बलवर्धक प्रयोग है l

  • मलाई में पिसी मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट खाने से शरीर पुष्ट, सुडौल और शक्तिशाली होता है l इसके सेवन से पेट की जलन, वातप्रकोप (गैस), पितप्रकोप (एसिडिटी), प्यास और पेट में बड़ी हुई गर्मी का शमन होता है l चेहरे की त्वचा पर मलाई का लेप लगाने से त्वचा कान्तिपूर्ण, चिकनी, मुलायम और स्वस्थ रहती हैं l दूध पीते समय मलाई हटानी नहीं चाहिए, सोने के २ घंटे पहले मलाई के साथ ही दूध पीना चाहिए l
नोट : (कफ, खांसी, अपच तथा कब्ज़ के रोगी, ह्रदय रोगी और बड़े हुए कोलेस्ट्रोल वाले रोगी को मलाई का सेवन नहीं करना चाहिए l)

Lok Kalyan Setu –Dec. 2009