- आंवला, धनिया, मिश्री समभाग मिलाकर रखो। १-१ चम्मच सुबह-शाम चबाकर खाओ और ऊपर से १ गिलास पानी पी लो अथवा घोल बना कर पी लो । इससे स्वप्नदोष, मूत्रदाह, लू लगना, सिरदर्द, नकसीर व आँखे जलने पर आराम होता है ।
- धनिया (सूखा या हरा धनिया) व मिश्री पानी में घोलकर पीने से लू लगी हो या बेहोशी हो तो तुरंत लाभ होता है ।
Tips for an all round Success in Life from His Holiness Saint Shri Asharamji Bapu.
Monday 24 May 2010
धनिया के फायदे
संतरे का रस
- संतरे के रस में पुराना पानी/ या पानी डालकर पीयें तो पुराना कब्ज़ ठीक होता है ।
- संतरे के रस में काला नमक व सौंठ मिलाकर दें, तो बदहजमी व अफारा ठीक होता है, भूख खुलकर लगती है ।
- संतरे के छिलके पीसकर, उसका पाउडर बना कर रात को पेस्ट लगाएं और सुबह नारियल पानी या पानी में जीरा उबाल कर उस पानी से मुंह धोने से मुहांसे ठीक होते हैं, दाग मिटते है और रंग निखरता है ।
- महिला व बच्चों को संतरे का रस बल व स्वास्थ्य देता है ।
- कमज़ोर लोगों को दिन में २-३ बार दिया जाए तो शरीर पुष्ट होता है ।
माइक्रोवेव ओवन के नुकसान
इससे बने भोजन के घटकों में विकृति पैदा होती रहती है तथा भोजन में कैंसर पैदा करने वाले कण पैदा हो जाते हैं। उस भोजन को खाये बिना भी मात्र उसके सम्पर्क में आने से भी शरीर पर कुप्रभाव पड़ता है। इन उपकरणों के 500 मीटर की परिधि में आने वाले जीव-जंतु तथा पेड़-पौधों की जीवनशक्ति का ह्रास होता है।
माइक्रोवेव ओवन से बने हुए भोजन का उपयोग करने वाले को होने वाली हानियाँ-
· यादशक्ति की कमी।
· एकाग्रता में कमी।
· भावनात्मक अस्थिरता।
· बुद्धि की हानि होने की सम्भावना रहती है।
· जलीय कणों में उछाल पैदा करके माइक्रोवेव शरीर के सिर से लेकर पैर के नाखूनों तक की सभी कोशिकाओं के जलीय वितरण में विकृति पैदा कर देती है, जिससे शरीर के सभी अंगों तथा तंत्रों में विकृति पैदा होती है।
ऋषि प्रसाद, सितम्बर 2010
बच्चों के लिए तुलसी प्रयोग
Dombilvali 16th May 2010
पीलिया
गन्ने का रस
ग्रीष्म ऋतु में शरीर का जलीय व स्निग्ध अंश कम हो जाता है। गन्ने का रस शीघ्रता से इसकी पूर्ति कर देता है। यह जीवनीशक्ति व नेत्रों की आर्द्ररता को कायम रखता है। इसके नियमित सेवन से शरीर का दुबलापन, पेट की गर्मी, हृदय की जलन व कमजोरी दूर होती है।
गन्ने को साफ करके चूसकर खाना चाहिए। सुबह नियमित रूप से गन्ना चूसने से पथरी में लाभ होता है। अधिक गर्मी के कारण उलटी होने पर गन्ने के रस में शहद मिलाकर पीने से शीघ्र राहत मिलती है। एक कप गन्ने के रस में आधा कप अनार का रस मिलाकर पीने से खूनी दस्त मिट जाते हैं। थोड़ा सा नीँबू व अदरक मिलाकर बनाया गया गन्ने का रस पेट व हृदय के लिए हितकारी है।
सावधानीः मधुमेह (डायबिटीज), कफ व कृमि के रोगियों को गन्ने का सेवन नहीं करना चाहिए।
विशेष ध्यान देने योग्यः आजकल अधिकतर लोग मशीन, जूसर आदि से निकाला हुआ रस पीते हैं। 'सुश्रुत संहिता' के अनुसार यंत्र से निकाला हुआ रस पचने में भारी, दाहकारी कब्जकारक होने के साथ संक्रामक कीटाणुओं से युक्त भी हो सकता है। अतः फल चूसकर या चबाकर खाना स्वास्थ्यप्रद है।
ऋषि प्रसाद, मई 2010
बेल का शरबत
बेल के ताजे पके हुए फलों के आधा किलो गूदे को दो लीटर पानी में धीमी आँच पर पकायें। एक लीटर पानी शेष रहने पर छान लें। उसमें दो किलो मिश्री मिला के गाढ़ी चाशनी बनाकर काँच की शीशी में भर के रख लें। चार से छः चम्मच (20 से 40 मि.ली.) शरबत शीतल पानी में मिलाकर दिन में एक दो बार पियें।
सावधानीः पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।