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Tuesday, June 19, 2012

ज्योतिर्लिंगों की स्तुति

द्वादश ज्योतिर्लिंगों की स्तुति क्रम से जो बोलते हैं उनको द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य

प्राप्त हो जाता है |

सौराष्ट्र देशे विशतेतिरम्ये ज्योतिर्मयं चंद्रकलावतनसम

भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये

श्री शैलश्रंज्ञे विभुदातीसंज्ञे तुलाद्रितुंगे विमुदावसंतम

तं अर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकम नमामि संसारसमुद्रसेतु

और तीसरे स्थान पर भगवान महाकालेश्वर

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्‍जनानां

अकाल मृत्योपरिरक्षणार्थम वंदे महाकालमहासुरेशं

चौथे स्थान पर इंदौर और खंडवा के बीच ॐकारेश्वर नर्मदा नदी के किनारे आप से अंजना नहीं है |

कावेरिकानर्मदयो पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय

सदैव मान्‍धातृपुरैवसंतम ॐकारमिशमशिवमेकमीडे

पाँचवे स्थान पर श्री बैद्यनाथ महादेव

पूर्वोत्‍तरे प्रज्वाल्लिकनिधाने सदावसंतम गिरिजासमेतं

सुरासुरादितपादपदमं श्री बैद्यनाथं तंहम नमामि

याम्येसदंगे नगरेतिरम्ये विभुशि‍तांगम विविधेश च भोगे

सदभक्ति-मुक्ति प्रदमिशमेकम श्री नागनाथं शरणं प्रपद्ये

अब सातवें स्थान पर केदारेश्वर महादेव | ये सदगुरू की ही स्तुति है |

महाद्रिपार्शे च तटेर्वनंतम समपूज्यमानं सततंमुनिंद्रे

सुरासुरेर्यक्षमहोर्गाद्यै केदारमिशं शिवमेकमीडे

जो महागिरी हिमालय के पास केदार श्रंघ है | महागिरी... बहुत सुन्दर संकेत है ़ह्म्केश्वर की स्तुति के पीछे |

बोलने मात्र से इनके दर्शन का पुण्य मिल जाता है ऐसा लिखा है इनके माहत्म्य में |

सह्याद्रिशिरसे विमलेवसंतम गोदावरीतीरपवित्र देशे

यतदर्शनात्‍पातकमाशुनाशं प्रयातितम त्र्यम्बकंमीशमीडे

कितना सुन्दर अर्थ है-

जो गोदावरी के किनारे गोदावरी तट पर पवित्र देश में पर्वत के पास शिखर पर निवास करते हैं |

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- Shri Sureshanandji Indore 11th April 2012

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