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Monday, August 27, 2012

माला पूजन –

स्नान करा दिया नीचे थाली या कटोरा रखा, शुद्ध पानी की धारा कर दी फिर अगर गाय का दूध मिल जाय कच्चा थोडा सा (गाय दूध हो देशी गाय का ) गाय के दूध से अपने माला को स्नान करा दिया, फिर शुद्ध पानी से स्नान करा दिया, पवित्र कपडे से माला को पोंछकर पीपल के पत्ते पर या तो पूजा की जगह पर ही साफ़ – सुथरी जगह हो वहाँ माला को रख दिया और माला के मेरु पर चन्दन या कुंकुम से तिलक कर दिया और मन ही मन प्रणाम कर दिया के सब देवों की शक्ति मेरी माला में वास करे |
माला पूजन मंत्र -
ॐ त्वं माले सर्वदेवानाम, सर्वसिद्धि प्रदाम मता: |
तेन सत्येन में सिद्धि, देहि मातृ नमोस्तुते ||

सब सिद्धियों को देनेवाली मेरी माला रूपी माँ तुमको मेरा प्रणाम है | ये श्लोक न बोल पाये तो, ये पूजा की विधि तो समझ गये | जिस माला से जप करते है उस माला में भगवान नाम की शक्ति प्रवेश करती है | उस माला को अपने साथ रखना चाहिये | माला खो न जाये उसका ध्यान रखना चाहिये |

Worshipping your Rosary (Mala)

After taking a bath, take a clean plate or a bowl. Then wash the rosary with little water and cow's milk. It is better if the milk is raw and from a indigenous breed. Then, wash it again with water. Wipe the rosary with a clean piece of cloth and place it over a Peepal leaf or some clean section of praying area. Apply chandan or kumkum on the Meru bead and prostrate mentally to the powers of all Gods that reside in your rosary.

Mantra:-
AUM TVAM MALE SARVADEVANAM, SARVASIDDHI PRADAAM MTAAH |
TEN SATYEN MEM SIDDHI, DEHI MATRU NAMASTUTE ||


Oh Rosary, one who grants all powers, I pray to you in the form of my mother. If you cannot recite this shloka, you can surely do the worshipping part of it. God's powers reside in the rosary on which you recite your Gurumantra. One must be very careful not to lose this rosary.


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- Shri Sureshanandji Kota 16th July 2012

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