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Wednesday, October 21, 2009

शारीरिक कमजोरी, बल वृद्धि व अन्य रोगों में

1. 10 ग्राम काले तिल चबा लो, और ठंडा पानी पियो; 2 घंटे तक कुछ खाओ पियो नहीं l इससे शरीर के कमजोरी मिटकर शरीर मजबूत होगा l दांत व मसूड़े मज़बूत होंगे, मस्तक मज़बूत होगा

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2.चना, मूँग, मोठ यह सब मिलाकर एक कटोरी, एक मुट्ठी भर मूँगफली व एक चम्मच तिल (काले हों तो उत्तम) रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह नमक मिलाकर भाप लें, उबाल लें। इसमें हरा धनिया, पालक व पत्तागोभी काटकर तथा चुकंदर, मूली एवं गाजर कद्दूकश करके मिला दें। ऊपर से काली मिर्च बुरककर नींबू निचोड़ दें। चार व्यक्तियों के लिए नाश्ता तैयार है। इसे खूब चबा-चबाकर खायें। यह नाश्ता सभी प्रकार खनिज-द्रव्यों, प्रोटीन्स, विटामिन्स व आवश्यक कैलरीज की पूर्ति करता है। जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है व जिनकी पाचनशक्ति कमजोर है, उनको नाश्ता नहीं करना चाहिए।


दोपहर के भोजन के बाद एक या दो पके केले खायें, बच्चे मजबूत होंगे l Height बढ़ेगी ।


नोट: केले खाने के बाद, केले के छिलके पर जो गिरी होती हैं (सफ़ेद) उसे खाने से केला हज़म होता है ।

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3. लोहे के बर्तन में पानी गरम करो, फिर पीने लायक हो वो पिया करो; इस से haemoglobin बढ़ेगा; दूध भी उसी में उबालो, दाल भी उसी में बनाओ; इस से भी खून बनेगा;

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4. दो छुआरे (एक व्यक्ति के लिए) धो के, बीज निकाल के, दूध में डाल दो l दूध में पानी डालो l धीमी आँच पर दूध उबालें l धीमी आँच में वो छुआरे उबलेंगे l
हेमंत ऋतु: 23 अक्टूबर - 20 दिसम्बर तक है; इन दिनों शरीर को बनाने वाले भोजन करना चाहिए l
200 ग्राम दूध है (छुआरे वाला),

उसमें अगर 200 ग्राम पानी डालो तो वो दूध पित्त-नाशक हो जाएगा;
उसमें अगर 100 ग्राम पानी डालते हो तो वायु नाशक हो जाएगा;
उसमें अगर 300 ग्राम पानी डालते हो तो कफ नाशक बन जाएगा;

धीमी आँच पर छुआरे वाला दूध आप उबालो; वो छुआरे खा लो और दूध पी लो l

आपके चेहरे पर सौन्दर्य, कांति, वीर्य की पुष्टि, हृदय और फेफड़े का बल, और महिलाएँ पियें तो अनियमित मासिक धर्म की गड़बड़ी दूर होगी और भाई पियें तो स्वप्न दोष, रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), कमर का दर्द, मनकों की गड़बड़, मनकों की गैप, कब्जियत आदि की शिकायत दूर हो जाएगी, बाल घने और लंबे होने लगेंगे l अगर रात को ऐसा दूध पीते हो तो स्वर सुरीला होगा और रात्रि को कुछ बच्चे बिस्तर बिस्तर गीला कर देते हैं - ऐसे बच्चे या ऐसे लोगों के लिए भी यह छुआरे वाला दूध आशीर्वाद रूप हो जाएगा l




Ahemdabaad - 19th Oct. 2009

ग़रीबी - दरिद्रता मिटाने के लिए

सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार अगर तुलसी की परिक्रमा करते हो, ओंकार का थोड़ा जप करते हो, सूर्य नारायण को अर्घ्य देते हो; यह सब साथ में करो तो अच्छा है, नहीं तो खाली तुलसी को 108 बार प्रदक्षिणा करने से तुम्हारे घर से दरिद्रता भाग जाएगी l


2012 की सोमवती अमावस्या - 11th March'2013, 8th July'2013, 2nd Dec'2013

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- Pujya Bapuji Ahemdabaad - 19th Oct. 2009

Tuesday, October 20, 2009

शिशु व बालक सम्बन्धी बातें

बालक जन्मते ही दाई या नर्स बच्चे को नहलाकर पिता की गोद में बचे को दे और पिता बच्चे के कान में निम्नलिखित मंत्र बोले -


७ बार ॐ का उच्चारण करके "अस्मा भव" तू चटान की नाई अडिग रहना l


७ बार ॐ का उच्चारण करके "परशु भव" तू कुल्हाड़े की नाई विघ्न बाधा को काटने वाला बनना l


७ बार ॐ का उच्चारण करके "हिरन्यस्तुम भव" तू चैतन्य अमर आत्मा है, तुझे कोई दोष ना लगे l


फिर माँ दूध पिलाने से पहले शहद और घी विमिश्रण करके सोने की सलाई से बच्चे की जीभ पर "ॐ" लिखे, फिर उसे दूध पिलाये l



जन्म से २ साल तक शैशव अवस्था होती है - शैशव काल में बच्चा जब हाथ-पैर हिलाने लगे तो उसे गोद में ज्यादा नहीं लेना चाहिए, इससे बच्चों के विकास में बड़ी हानि होती है l हाथ पैर चलने दें, बच्चा मजबूत बने l उसकी प्रतिभा विकसित करने के लिए उसे हँसते-खेलते रखना चाहिए l उसकी अनुकूल वस्तुएं दिलानी चाहिए, नहीं दे सकते तो बोलना चाहिए, चिंता नहीं, आ जायेगी, उसको निषेधात्मक नहीं बोलना चाहिए l उसे पेट की बीमारियाँ ना हों, ये ध्यान रखना चाहिए, अगर पेट की तकलीफ है तो पपीते के बीज २-३ कूट के पिलायें अथवा तुलसी के बीज कूट दें फिर १/४ चुटकी चूर्ण, रात को भिगो कर सुबह पिलायें l



२-५ साल तक उसके मन में जिज्ञासा (जानने की वृति) फूटती है l जो वह पूछे उसे उत्साह से उत्तर दें और उसके सामने प्रश्न लायें जिससे उसकी प्रतिभा विकसित हो l उसे रात को कहानियों के माध्यम से जानने की वृति और विचार की शक्ति पैदा करें


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Mathura 1st Oct. 2009

Saturday, October 10, 2009

त्वचा में खुजली या गाल पे दाग :-


त्वचा में खुजली की बीमारी होती है तो त्रिफला ५-७ ग्राम रात को थोड़ा पानी से फांक लें l कई लोगों को गाल पे दाग-दाग हैं, तो १ ग्लास दूध और १०-२० ग्राम माखन (खारा नहीं होना चाहिए) l माखन को पानी में २-४ बार अच्छी तरह से धो के दूध में मिला दें l १-२ बार हिला दें और पियें तो चेहरे पर जो दाग-दागे होते हैं, बादल जैसे (झाइयाँ), वो सब ठीक हो जायेगा l गर्भिणी स्त्री ऐसा दूध पियें तो बालक एकदम लाल-लाल टमाटर जैसा पैदा होता हैl

Itchy Skin or Rashes on Cheeks

For people suffering from itchy skin, they should have 5-7 grams of Triphala with water at night. Some people have rashes on cheeks. They should have a glass of milk with 10-20 grams of butter (Do not use salted butter). If salted, wash out the butter with water a few times to drain out the salt from it. Drink the milk with the butter properly mixed in it. This medication can remove all the marks and rashes on the facial skin. If pregnant women drink this, then her new born baby will glow like a red tomato.



Latur 25th Sep. 2009

नींबू-अदरक

फ्रिज में नींबू नहीं रखना चाहिए l अगर रखें भी तो जिस दिन काम में लाना है तो ६ घंटे पहले नींबू बाहर निकाल कर रखें, नहीं तो गर्म पानी में डालकर फिर रस निकालें तो ज्यादा रस निकलेगा l ठंडे नींबू में से रस इतना नहीं निकलता, जितना बाहर रखे नींबू से निकलता है l अदरक भी फ्रिज में रखने से उसका प्रभाव कम हो जाता है l

Hyderabad 27th Sep. 2009

ध्यान की महिमा

आज्ञाचक्र में ओंकार या गुरु का ध्यान करने से बुद्धि विकसित होती है और नाभि में ओंकार या गुरु का ध्यान करने से आरोग्य एवं रोग प्रतिकारक शक्ति विकसित होती है l

Hyderabad 26th Sep. 2009

Monday, October 5, 2009

प्रसाद खाने का तरीका

प्रसाद कैसे खाते हैं ? ..... कुछ लोग प्रसाद एक साथ खाते हैं l जैसे चिड़िया थोड़ा-थोड़ा खाती है, ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा प्रसाद खाने से रस बनता है और आनंद भी आता है l 

How to have Prasad

Some people devour an offering of blessed prasad in one gulp.... Instead, just as a bird pecks its food little by little, in the same way, you should also have it slowly. This offers joy and also great gratification.




Aurangabad 19th Sep. 2009

Saturday, September 26, 2009

Heart व वायु सम्बन्धी बीमारियों में


नींबू वायुनाशक होता है l जठराग्नि को भूख लगाने में मदद करता है l पाचन करता है l पेट में कृमि हों, विष हो उसको भी दूर करता है l पेट की खराबी को दूर करता है l ह्रदय व लीवर को मदद करता है l वात-पित-कफ त्रिदोषनाशक है l त्वचा के विकार दूर करता है l ३० पत्ते तुलसी के उसको घोट दिया l १ गिलास गुनगुना पानी व नींबू पी लें l हफ्ते में या १५ दिन में १ बार पी लें lBlockage कभी होने वाला नहीं, ब्लड सिर्कुलेशन अच्छा होगा, हार्ट मज़बूत बनेगा l हार्ट अटैक नहीं होगा व bye-Pass surgergy नहीं करानी पड़ेगी l कमर दर्द दूर होकर शरीर फुर्तीला होगा l मोटे लोग हफ्ते में २ बार पियें , ठीक-ठाक लोग हफ्ते में १ बार पियें व दुबले पतले लोग १५ दिन में १ बार पियें l बायाँ श्वास चले तब पियेंगे तो अमृत तुल्य लाभ होगा l 

Heart and Gas related problems

Lemon has the power to cure gas related problems. It also help improve appetite and aids digestion. If there are stomach worms, poison or any other related stomach ailments, lemon has the capacity to cure it. It supports the functioning of heart and liver. It is considered as a tridoshnashak i.e. alleviates all three doshas , Vaat, Pitta and Cough. It helps cure skin disorders. Take the extract from 30 Basil leaves and make a concoction with luke warm water and lemon juice. Take this daily, once a day, for a week or two. Heart blockage will never appear, blood circulation will improve, you will never have a heart attack and will also never have to do any bypass surgery. All waist related pain will disappear and body will adopt a sporting look. Obese people should take this twice a week, normal people should take this once a week and skinny people should take once every 15 days. Drinking this concoction when the breath is flowing through left nostril makes it equivalent to drinking ambrosia.

Aurangabad 18th Sep. 2009

Monday, September 14, 2009

Swine Flu


नीम के पत्ते हटाकर जो उसकी डाली होती है ना... डंठली.. वो ११ डंठली (बच्चा है तो ७ और मोटा है तो २१) और ढाई काली मिर्च लेकर पत्थर पे जैसे चटनी बनाते हैं ना, (ऊपर ऊपर का जो छिलका है वो तो निकल जायेगा, गिरी गिरी बचेगी), वो चाट लें और पानी पी लें l तुलसी के पत्ते कभी खा लें, फ्लू में आराम होगा |

Swine Flu
Take small twigs of Margosa tree (neem) and mash them along with two and half seeds of black pepper. Use 11 twigs (7 for children and 21 for obese people). The covering of the twigs will separate out on their own. Make a proper paste of it. Lick this paste and then drink some water. You can also have some Basil (Tulsi) leaves which also provide relief from flu.

Khargaon 25th Aug. 2009

Diabities(मधुमेह)


भिन्डी के पौधे सूखे होते हैं, उनको कूट दो, मैदा छान कर लो l १/२ चम्मच पाउडर और शक्कर मिलाकर, पानी से पी लो l इससे भी Diabetes कण्ट्रोल होती है l

Diabetes

The plant of lady's finger(also known as bhindi or okra) is very dry. Grind them out and sieve them in a fine powder. Take one to two spoon of this powder along sugar mixed in water. This will help control Diabetes.

Dausa 7th Sep. 2009

Thursday, September 10, 2009

श्राद्ध सम्बन्धी बातें

  • श्राद्ध कर्म करते समय जो श्राद्ध का भोजन कराया जाता है, तो ११.३६ से १२.२४ तक उत्तम काल होता है l
  • गया, पुष्कर, प्रयाग और हरिद्वार में श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
  • गौशाला में, देवालय में और नदी तट पर श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
  • सोना, चांदी, तांबा और कांसे के बर्तन में अथवा पलाश के पत्तल में भोजन करना-कराना अति उत्तम माना गया है l लोहा, मिटटी आदि के बर्तन काम में नहीं लाने चाहिए l
  • श्राद्ध के समय अक्रोध रहना, जल्दबाजी न करना और बड़े लोगों को या बहुत लोगों को श्राद्ध में सम्मिलित नहीं करना चाहिए, नहीं तो इधर-उधर ध्यान बंट जायेगा, तो जिनके प्रति श्राद्ध सद्भावना और सत उद्देश्य से जो श्राद्ध करना चाहिए, वो फिर दिखावे के उद्देश्य में सामान्य कर्म हो जाता है l
  • सफ़ेद सुगन्धित पुष्प श्राद्ध कर्म में काम में लाने चाहिए l लाल, काले फूलों का त्याग करना चाहिए l अति मादक गंध वाले फूल अथवा सुगंध हीन फूल श्राद्ध कर्म में काम में नहीं लाये जाते हैं l
  • श्राद्ध पक्ष :- 29th Sept - 15 Oct 2012
Shraaddh related

- The optimal time to offer meals during Shraaddh ritual is between 11.36 am to 12.24 pm.
- Shraaddh ritual conducted at Gaya, Pushkar, Prayag or Haridwar is considered ideal.
- Shraaddh ritual conducted in cow shed, temples or on river banks is considered ideal.
- On the day of Shraaddh, having or offering meals on gold, silver, copper or brass utensils is considered supremely ideal. Use of iron, earthen and other forms of utensils should be avoided.
- During Shraaddh, one must not remain agitated, hasten the ritual, invite large groups of people or call noted dignitaries. This draws the focus away from the ritual. Instead of offering the pious shraaddh sentiments with a noble intention, the procedure becomes commonplace due to show off.
- White, fragrant flowers should be used for the Shraaddh ritual. Red, blackish flowers should be totally abstained. Also, avoid use of mildly fragrant or bland flowers for this ritual.
- Shraaddh Period : 29 Sept 2012 - 15 Oct 2012 

Gurgaon 5th Sep. 2009

गंजापन

जिनके टाल आ गयी है वो खुशखबरी सुन लें l भैंस के दूध में त्रिफला चूर्ण मिलाकर सिर में लेप कर दीजिये l सफ़ेद बाल काले होने लगेंगे और जो गंजे हैं, उनकी टाल पर भी बाल आने लगेंगे l

Baldness

For those who have lost hair on their head, there is good news for them. Apply buffalo's milk mixed with Triphala Churna as lotion on your head. This will convert back any white hair to black and will start the growth of new hair on the head.

Gurgaon 5th Sep. 2009