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Monday, November 8, 2010

दांतों के लिए

दातौन के अतिरिक्त दंतमंजन का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए सोंठ, काली मिर्च, पीपर, हरड़, बहेड़ा, आँवला, दालचीनी, तेजपत्र तथा इलायची के समभाग चूर्ण में थोड़ा-सा सेंधा नमक तथा तिल का तेल मिलाकर 'दंतशोधक पेस्ट' बनायें। कोमल कुर्विका से अथवा प्रथम उँगली से मसूड़ों को नुकसान पहुँचाये बिना दाँतों पर घिसें। इससे मुख की दुर्गन्ध, मैल तथा कफ निकल जाते हैं एवं मुख में निर्मलता, अन्न में रूचि तथा मन में प्रसन्नता आती है।

दंतधावन के उपरान्त जिह्वा निर्लेखनी से जिह्वा साफ करनी चाहिए। इसके लिए दातौन के दो भाग करके एक भाग का उपयोग करें।

दिन में दो बार दंतधावन करें। भोजन के बाद तथा किसी भी खाद्य-पेय पदार्थ के सेवन के बाद दाँतों व जिह्वा की सफाई अवश्य करनी चाहिए।

गण्डूष धारण (कुल्ले करना)- द्रव्यों को मुख में कुछ समय रखकर निकाल देने को गण्डूष धारण करना कहते हैं। त्रिफला चूर्ण रात को पानी में भिगो दें। सुबह छानकर इस पानी से कुल्ला करें। दंतधावन के बाद गण्डूष धारण करने से अरूचि, दुर्गन्ध, मसूड़ों की कमजोरी दूर होती है। मुँह में हलकापन आता है। गुनगुने तिल तेल से गण्डूष धारण करने से स्वर स्निग्ध होता है। दाँत व मसूड़े वृद्धावस्था तक मजबूत बने रहते हैं। वृद्धावस्था में भी दाँत देर से गिरते हैं।]

Arogya Nidhi

Thursday, November 4, 2010

मस्तिष्क के एवं मानसिक रोगों में


  • अखरोट की बनावट मानव-मस्तिष्क से होती है । अतः प्रातःकाल एक अखरोट व् मिश्री दूध में मिलाकर ' ॐ ऐं नमः' या ' ॐ श्री सरस्वत्ये नमः ' जपते हुए पीने से यादशक्ति पुष्ट होती है ।

  • मालकाँगनी का 2-2 बूँद तेल एक बताशे में डालकर सुबह-शाम खाने से मस्तिष्क के एवं मानसिक रोगों में लाभ होता है।

  • स्वस्थ अवस्था में भी तुलसी के आठ-दस पत्ते, एक काली मिर्च तथा गुलाब की कुछ पंखुड़ियों को बारीक पीसकर पानी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह पीने से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है। इसमें एक से तीन बादाम मिलाकर ठंडाई की तरह बना सकते हैं। इसके लिए पहले रात को बादाम भिगोकर सुबह छिलका उतारकर पीस लें। यह ठंडाई दिमाग को तरावट व स्फूर्ति प्रदान करती है।

  • रोज सुबह आँवले का मुरब्बा खाने से भी स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है। अथवा च्यवनप्राश खाने से इसके साथ कई अन्य लाभ भी होते हैं।

  • गर्म दूध में एक से तीन पिसी हुई बादाम की गिरी और दो तीन केसर के रेशे डालकर पीने से स्मरणशक्ति तीव्र होती है।

  • सिर पर देसी गाय के घी की मालिश करने से भी स्मरणशक्ति बनी रहती है।

  • मूलबन्ध, उड्डीयान बंध, जालंधर बंध (कंठकूप पर दबाव डालकर ठोडी को छाती की तरफ करके बैठना) से भी बुद्धि विकसित होती है, मन स्थिर होता है।


लोक कल्याण सेतु, अप्रैल 2010

नेत्र-सुरक्षा

आँखें लाल होती हों, जलती हों तो ताजे हरे धनिये का रस आँखों में डालें और मुट्ठी भर ताजा हरा धनिया चबा-चबाकर खायें।


लोक कल्याण सेतु, अप्रैल 2010

स्वप्नदोष मिटाकर करें ओज-तेज की रक्षा

  • सूखा धनिया पीसकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर रोज सुबह ठंडे पानी से 3-3 ग्राम खाया करें।
  • मुलहठी का 3 ग्राम चूर्ण शहद के साथ चाटें।
  • बबूल की पत्ती व छाल को पीसकर दो ग्राम चूर्ण सुबह-शाम सेवन करें।
  • आँवला चूर्ण और मिश्री के समभाग मिश्रण में 20 प्रतिशत हल्दी मिला के रखें। 4-5 ग्राम रोज पानी के साथ लेने से भाइयों को धातुक्षय से और बहनों को सफेद पानी की तकलीफ से आराम मिलता है।
लोक कल्याण सेतु, अप्रैल 2010

Tuesday, November 2, 2010

फैक्ट्री/कार्यालय/दुकान में उन्नति!

जो अपना व्यापार करते है वो अपने फैक्ट्री/कार्यालय/दुकान  या जहाँ  भी अपना अर्थोपार्जन का काम करते हैं वहां महीने में एक बार थोड़े जौ और उसके चार गुने काले तिल (जैसे एक मुट्ठी जौ तो ४ मुट्ठी काले तिल) रख दें
 सुबह जब दुकान पे जाये तो उसे लेकर बहते पानी में प्रवाहित कर दें  इससे  व्यवशायिक स्थल/दुकान/कार्यालय  पे किसी की नजर नहीं लगती है काम धंधा ठीक रहता है  और कर्ज हो तो कर्ज से भी मुक्ति मिलती है.
 
श्री सुरेशानंदजी, उज्जैन, २१ अक्टूबर २०१०
 

कर्ज से मुक्ति!

कर्ज से शीघ्र मुक्ति पाने के लिए हर बुधवार के दिन वट वृक्ष के मूल में घी का दीप जला कर रख दें| इससे कर्जे से शीघ्र मुक्ति मिलेगी| और बुधवार के दिन खाने में मूँग या मूँग की दाल लें|
 
श्री सुरेशानंदजी, उज्जैन २१अक्टूबर

Friday, October 29, 2010

गंजापन दूर करने के लिए

नारियल का तेल २५०-५०० ग्राम लें और घोड़े की लीद उतनी लें, जितनी खप सके । फिर तेल में डाल कर इतना उबालें कि लीद सूख जाए । फिर ठंडा करके सिर पर लगायें । सुबह च्यवनप्राश का नाश्ता करें और आंवले का रस सिर पर १५-२० मिनट लगाकर फिर स्नान करें ।

Ujjain -22nd Oct. 10

बल व स्फूर्ति के लिए

४ चम्मच (३० ग्राम) आंवला और १०-१५ ग्राम शहद मिलाकर सुबह भगवान नाम लेकर खाली पेट पियें । इससे बल, स्फूर्ति आती है और शरीर के अंग नए व बढ़िया होंगे ।

Ujjain 22nd Oct. 10

भूख बढ़ाने के लिए

सुबह ताज़ी मूली खाने से भूख बढ़ती है और थकावट दूर होती है ।

Ujjain 22nd Oct. 10