सरसों के तेल में आँवला चूर्ण (बिना मिश्रीवाला) मिलाकर मालिश करने से शीतपित्ती हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
लोक कल्याण सेतु, सितम्बर 2010
Tips for an all round Success in Life from His Holiness Saint Shri Asharamji Bapu.
सरसों के तेल में आँवला चूर्ण (बिना मिश्रीवाला) मिलाकर मालिश करने से शीतपित्ती हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
लोक कल्याण सेतु, सितम्बर 2010
सफेद फिटकरी व सेंधा नमक दोनों बराबर मात्रा में लेकर खूब बारीक पीसें व छानकर रख लें। दाँत व मसूड़ों में दर्द होने पर हथेली में इस मिश्रण को लेकर दो तीन बूँद सरसों का तेल मिलाकर धीरे धीरे मसाज करें। कुछ देर बाद कुल्ला कर लें। यह प्रयोग सुबह शाम दोहरायें। आराम होने पर प्रयोग बंद कर दें।
लोक कल्याण सेतु, सितम्बर 2010
थोड़ी सी साफ रूई पानी में भिगो दें, फिर हथेलियों से दबाकर पानी निकाल दें। तवे पर थोड़ा सा सरसों का तेल डालें और उसमें इस रूई को पकायें। फिर उतारकर सहन कर सकने योग्य गर्म रह जाय तब इसे फोड़े पर रखकर पट्टी बाँध दें। ऐसी पट्टी सुबह-शाम बाँधने से एक दो दिन में फोड़ा पककर फूट जायेगा। उसके बाद सरसों के तेल की जगह शुद्ध घी का उपयोग उपरोक्त विधि के अनुसार करने से घाव भर के ठीक हो जाता है।
लोक कल्याण सेतु, सितम्बर 2010