नारियल शीतल, स्निग्ध, बलदायी, शरीर को मोटा करने वाला तथा वायु व पित्त को शांत करने वाला है। सूखा नारियल वीर्यवर्धक है। इसमें कार्बोहाइड्रेटस, प्रोटीन्स, वसा, कैल्शियम, पोटैशियम, सोडियम, लौह, विटामिन 'सी' आदि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।
इन गुणों के कारण नारियल आंतरिक गर्मी, अम्लपित्त (एसिडिटी), आमाशय व्रण(अल्सर), क्षयरोग(टी.बी.), दुर्बलता, कृशता व वीर्य की अल्पता में लाभदायी है। यह पचने में भारी होता है इसलिए मात्र 10 से 20 ग्राम की मात्रा में खूब चबा-चबाकर खायें। इसकी बर्फी या चटनी बनाकर अथवा सब्जी में मिलाकर भी खा सकते हैं। नारियल बालक व गर्भवती माताओं के लिए विशेष पोषक तत्त्वों की पूर्ति कर देता है।
पौष्टिक चबैनाः छुहारा, सूखा नारियल व मिश्री के छोटे-छोटे टुकड़े कर मिलाकर रख लें। टॉफी-चाकलेट के स्थान पर बच्चों को यह पौष्टिक चबैना दें। इससे दाँत, हड्डियाँ मजबूत बनेंगे व बुद्धि का भी विकास होगा।
सूचनाः अष्टमी के दिन नारियल खाने से बुद्धि का नाश होता है।
(ब्रह्म वैवर्त पुराण)
Rishi Prasad-Dec 2010