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Tuesday, December 14, 2010

शक्तिदायक नारियल

नारियल शीतल, स्निग्ध, बलदायी, शरीर को मोटा करने वाला तथा वायु व पित्त को शांत करने वाला है। सूखा नारियल वीर्यवर्धक है। इसमें कार्बोहाइड्रेटस, प्रोटीन्स, वसा, कैल्शियम, पोटैशियम, सोडियम, लौह, विटामिन 'सी' आदि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।

इन गुणों के कारण नारियल आंतरिक गर्मी, अम्लपित्त (एसिडिटी), आमाशय व्रण(अल्सर), क्षयरोग(टी.बी.), दुर्बलता, कृशता व वीर्य की अल्पता में लाभदायी है। यह पचने में भारी होता है इसलिए मात्र 10 से 20 ग्राम की मात्रा में खूब चबा-चबाकर खायें। इसकी बर्फी या चटनी बनाकर अथवा सब्जी में मिलाकर भी खा सकते हैं। नारियल बालक व गर्भवती माताओं के लिए विशेष पोषक तत्त्वों की पूर्ति कर देता है।

पौष्टिक चबैनाः छुहारा, सूखा नारियल व मिश्री के छोटे-छोटे टुकड़े कर मिलाकर रख लें। टॉफी-चाकलेट के स्थान पर बच्चों को यह पौष्टिक चबैना दें। इससे दाँत, हड्डियाँ मजबूत बनेंगे व बुद्धि का भी विकास होगा।

सूचनाः अष्टमी के दिन नारियल खाने से बुद्धि का नाश होता है।

(ब्रह्म वैवर्त पुराण)


Rishi Prasad-Dec 2010

जीर्ण वायुविकार, अस्थिविकार, दमा एवं पुरानी खाँसीः

'सभी प्रकार के वातरोगों में लहसुन का उपयोग करना चाहिए। इससे रोगी शीघ्र ही रोगमुक्त हो जाता है तथा उसके शरीर की वृद्धि होती है।'

कश्यप ऋषि के अनुसार लहसुन सेवन का उत्तम समय पौष व माघ महीना (दिनांक 22 दिसम्बर से 18 फरवरी 2011 तक) है।

प्रयोग विधिः 200 ग्राम लहसुन छीलकर पीस लें। 4 लीटर दूध में ये लहसुन व 50 ग्राम गाय का घी मिलाकर दूध गाढ़ा होने तक उबालें। फिर इसमें 400 ग्राम मिश्री, 400 ग्राम गाय का घी तथा सोंठ, काली मिर्च, पीपर, दालचीनी, इलायची, तमालपात्र, नागकेशर, पीपरामूल, वायविडंग, अजवायन, लौंग, च्यवक, चित्रक, हल्दी, दारूहल्दी, पुष्करमूल, रास्ना, देवदार, पुनर्नवा, गोखरू, अश्वगंधा, शतावरी, विधारा, नीम, सोआ व कौंचा के बीज का चूर्ण प्रत्येक 3-3 ग्राम मिलाकर धीमी आँच पर हिलाते रहें। मिश्रण में से घी छूटने लग जाय, गाढ़ा मावा बन जाय तब ठंडा करके इसे काँच की बरनी में भरकर रखें।

10 से 20 ग्राम यह मिश्रण सुबह गाय के दूध के साथ लें (पाचनशक्ति उत्तम हो तो शाम को पुनः ले सकते हैं।

भोजन में मूली, अधिक तेल व घी तथा खट्टे पदार्थों का सेवन न करें। स्नान व पीने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें।

इससे 80 प्रकार के वात रोग जैसे – पक्षाघात (लकवा), अर्दित (मुँह का लकवा), गृध्रसी (सायटिका), जोड़ों का दर्द, हाथ पैरों में सुन्नता अथवा जकड़न, कम्पन, दर्द, गर्दन व कमर का दर्द, स्पांडिलोसिस आदि तथा दमा, पुरानी खाँसी, अस्थिच्युत (डिसलोकेशन), अस्थिभग्न (फ्रेक्चर) एवं अन्य अस्थिरोग दूर होते हैं। इसका सेवन माघ माह के अंत तक कर सकते हैं। व्याधि अधिक गम्भीर हो तो वैद्यकीय सलाह से एक वर्ष तक भी ले सकते हैं। लकवाग्रस्त लोगों तक भी इसकी खबर पहुँचायें।


Rishi Prasad -Dec 2010

पुराना सिर दर्द

इसके मुख्यतः दो कारण हैं- एक पित्त की अधिकता व दूसरा कब्ज। इसमें दीर्घकाल तक सतत दर्द रहता है अथवा महीने-दो महीने या इससे अधिक समय पर सिरदर्द का दौरा सा पड़ता है। इसके निवारण के लिए 500 ग्राम बादाम दरदरा कूट लें। 100 ग्राम घी में धीमी आँच पर सेंक लें। 750 ग्राम मिश्री की गाढ़ी, लच्छेदार चाशनी बनाकर उसमें यह बादाम तथा जावंत्री, जायफल, इलायची, तेजपत्र का चूर्ण प्रत्येक 3-3 ग्राम व 5 ग्राम प्रवालपिष्टी मिलाकर अच्छी तरह घोंट लें। थाली में जमाकर छोटे-छोटे टुकड़े काटकर सुरक्षित रख लें। 10 से 20 ग्राम सुबह दूध अथवा पानी के साथ लें। (पाचनशक्ति उत्तम हो तो शाम को पुनः ले सकते हैं।) खट्टे, तीखे, तले हुए व पचने में भारी पदार्थों का सेवन न करें।

बादाम अपने स्निग्ध व मृदु-विरेचक गुणों से पित्त व संचित मल को बाहर निकाल कर सिरदर्द को जड़ से मिटा देता है। साथ में मस्तिष्क, नेत्र व हृदय को बल प्रदान करता है।

अमेरिकन बादाम जिसका तेल, सत्त्व निकला हुआ हो वह नहीं, मामरी बादाम अथवा देशी बादाम भी अपने हाथ से गिरी निकाल से इस्तेमाल करो तो लाभदायक है। अमेरिकन बादाम का तेल गर्मी दे के निकाल देते हैं।

बौद्धिक काम करने वालों के लिए तथा शुक्रधातु की क्षीणता व स्नायुओं की दुर्बलता में भी यह बादामपाक अतीव लाभकारी है। स्वस्थ व्यक्तियों के लिए सर्दियों में सेवन करने योग्य यह एक उत्तम पुष्टिदायी पाक है।


Rishi Prasad -Dec 2010

Tuesday, December 7, 2010

नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए

घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
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Rajokari - 30th Nov. 2010

पेट में कृमि

बच्चों को पेट में कृमि हो तो २० ग्राम गौझरण अर्क में ४० ग्राम पानी (२ ढक्कन अर्क में ४ ढक्कन पानी) मिलाकर पिलायें ।

Rajokari -30th Nov. 2010

शराब की आदत छुडाने के लिए

जिन्हें शराब पीने की आदत हो वो रोज शराब की जगह गौझरण अर्क पियें । इससे उनकी शराब की लत छूट जाएगी, साथ ही उनकी कई बीमारियाँ भी दूर होंगी ।

Rajokari 30th Nov. 10

कफजन्य तकलीफ


  • बच्चों को कफ हो तो दूध में थोड़ी सी कॉफ़ी डालकर दें ।ये प्रयोग सर्दियों में करें ।

  • गर्मियों में कफ हो तो २५ ग्राम शहद और ५ ग्राम लहसुन रगड़ के चटनी बना लें । छोटे बच्चों को २ ग्राम, किशोर को ५ ग्राम, बड़ों को १० ग्राम और मोटे लोगों को १२ ग्राम दें ।
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  • कफ में बच्चों को टॉफी/चोकलेट ना दें ।
    बच्चों को छाती में कफ से ब्लोकेज हो तो गौझरण अर्क (२ ढक्कन अर्क में ४ ढक्कन पानी) डालकर पिलायें । इससे बड़ों को भी ह्रदय की तकलीफ में आराम होगा ।

  • बच्चों को तुलसी वटी (रविवार छोड़कर) देने से बच्चें मजबूत बनते हैं ।

Rajokari -30th Nov. 10

पौष्टिक प्रसाद

छुहारा, सूखा नारियल और मिश्री सम मात्रा में मिलाकर २० ग्राम खाएं । इससे शरीर सुडौल होगा, चेहरे पर निखार व सौंदर्य आएगा ।

Rajokari 25th Nov. 10

ध्यान लगाने के लिए

मंत्र जल्दी सफल करने के लिए, दोनों हाथ बगलों में डालें (क्रॉस) (दायाँ हाथ बायीं बगल में और बायाँ हाथ दायीं बगल में) । अंगूठा बाहर निकाल दें । इस से शांति और ध्यान का प्रसाद उभरता है ।


पूज्य बापूजी

Tuesday, November 30, 2010

बल-वीर्य की वृद्धि के लिए

तुलसी के बीज को मिक्सी में घुमा लो और उससे साड़े तीन गुना गुड़ की चाशनी बनाकर उसमे डाल दो । फिर मटर जितनी गोलियां बना लो । २ गोली सुबह दूध के साथ लो । इससे बल-वीर्य बढेगा और यौवन आएगा ।

For improving strength and semen

Take seeds of Basil (Tulsi) and grind them out in a mixer. Put it into a jaggery syrup about three and half times its quantity. Then make small tablets of the size of peas. Take 2 tablets in the morning with milk. This improves body strength- semen and rejuvenates youth.

Delhi Sarita Vihar-21st Nov. 2010

चिकनगुनिया

तुलसी व गेंदे का पौधा घर में रखो । नीम का धुआं और गोबर के कंडे में घी की कुछ बुँदे डालकर धुआं करो । इसमें प्राणायाम करो । गौ चन्दन धुप जलाओ । नीम और अशोक के पत्तों का तोरण घर के दरवाजे कर बांधो ।

Chickengunya

Grow Basil (Tulsi) and Marigold plants at home. Light up smoke of Margosa (Neem) and burn incense sticks made of cow dung added with a few drops of cow ghee. Do pranayam in this atmosphere. Light up Gau-chandan incense sticks. Also, tie up leaves of Margosa (Neem) and Toran at the doorfront of your home.

- Pujya Bapuji Delhi Sarita Vihar-21st Nov. 2010

मन की दुर्बलता

 काजू (बच्चे ४-५ व बड़े ५-७) शहद के साथ खाने से मन की दुर्बलता दूर होती है ।

Weakness of Mind
To overcome weakness of mind, serve cashews(4-5 for children and 5-7 for adults) along with honey

- Pujya Bapuji Delhi Sarita Vihar-21st Nov. 2010