गाय के दूध की जितनी मात्रा हो उससे आधी मात्रा में पानी मिलाकर उसमे सोने की वस्तु (शुद्ध सोने का साफ़ सुथरा गहना चलेगा) डालकर धीमी आंच पर पानी जल जाने तक उबालें l देशी नस्ल की गाय के दुःख में प्राकृतिक रूप से स्वर्णक्षार पाए जाते हैं l स्वर्ण के साथ दुःख उबालने से स्वर्ण में स्थित स्वर्णक्षार भी दूध में मिल जाते हैं l यह स्वर्णसिद्ध गौदुग्ध रोगप्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है l इसका सेवन कर वृद्ध लोग भी तंदुरुस्त रह सकते हैं l सोना न हो तो चांदी का भी उपयोग किया जा सकता है l
L0k Kalyan Setu-Oct. 2011
Tips for an all round Success in Life from His Holiness Saint Shri Asharamji Bapu.
Search This Blog
Thursday, November 10, 2011
पुराने सिरदर्द की दवा
प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक मीठे सेवफल में आवश्यकतानुसार नमक लगा के चबाकर खाने से १०-१५ दिन में पुराना सिरदर्द ठीक हो जाता है l
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Labels:
स्वाश्थ्य(Health)
बलवर्धक प्रयोग
१-२ अखरोट व १०-१५ मुनक्के रात्रि में पानी में भिगोकर रखें और सुबह चबाकर खाएं l यह प्रयोग कम-से-कम ४० दिन तक करें l
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Labels:
स्वाश्थ्य(Health)
गेंहू का चोकर या भूसी
मधुमेह, खांसी, श्वास आदि रोगों में इसका नमकीन हलुआ या हरीरा (राब) सेवन करें l वीर्य, बल, स्फूर्ति व भूख की वृद्धि के लिए चोकर की चाय बनाकर पीते रहना चाहिए l चोकर या भूसी का प्रयोग करने से शरीर का रक्त शुद्ध रहता है और वात, कफ की व्याधियां नहीं हो पातीं l
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Labels:
स्वाश्थ्य(Health)
अस्थिभंग
गेंहू के आटे में पर्याप्त मात्रा में घी व पुराना गुड़ डालकर बनाया हुआ हलुआ खाने से जल्दी आराम मिलता है l इस प्रयोग से हड्डियाँ मज़बूत हो जाती हैं l इस हलुए में २ ग्राम बला चूर्ण मिलाने से विशेष लाभ होता है l
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Labels:
स्वाश्थ्य(Health)
वातरक्त
गेंहू के आटे में थोड़ा सा घी और बकरी का दूध मिलाकर गाढ़ा लेप बना के लगाने से वातरक्त (जिसमे यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है) का दर्द दूर हो जाता है l
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Labels:
स्वाश्थ्य(Health)
कफशूल
पुराने गेंहू के सिंके हुए ५ ग्राम आटे में शहद मिलाकर चाटने से आराम मिलता है l
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Lok Kalyan Setu-Oct. 2011
Labels:
स्वाश्थ्य(Health)
देवउठी एकादशी के दिन
देवउठी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को इस मंत्र से उठाना चाहिए -
उतिष्ठ-उतिष्ठ गोविन्द, उतिष्ठ गरुड़ध्वज l
उतिष्ठ कमलकांत, त्रैलोक्यं मंगलम कुरु l l
उतिष्ठ-उतिष्ठ गोविन्द, उतिष्ठ गरुड़ध्वज l
उतिष्ठ कमलकांत, त्रैलोक्यं मंगलम कुरु l l
पूज्य बापूजी Vadodara-9th Nov. 2011
Wednesday, November 9, 2011
भूख बढ़ाने के लिए
जिसका पाचन तंत्र कमजोर है , भूख की वृद्धि करनी हो तो खजूर में अदरक, काली मिर्च (२ काली मिर्च एक व्यक्ति के लिए ) व सेंधा नमक की चटनी बनाये भोजन के पहले या सुबह ऐसे ही खा लें । विधिपूर्वक बनाई गयी इस चटनी को खाने से भूख खुलकर लगती है व पाचन ठीक से होता है l यह चटनी पौष्टिक और बलप्रद भी है l ....भूख बढाने के लिए २१ बार इसमें एकटक देखते हुए"ॐ राम ॐ राम ॐ राम ..........पुष्टिदाता राम" ऐसा जपें और पुष्टि गोली खाएं । उसका शरीर हृष्ट - पृष्ट हो जाएगा ।
Ahmedabad 27th Oct. 2011
Ahmedabad 27th Oct. 2011
Labels:
मंत्र(Mantra).,
स्वाश्थ्य(Health)
धन-धान्य व सुख-सम्पदा के लिए
धन-धान्य, सुख-सम्पदा चाहने वाले लोग घी, चावल, तिल, जौ, गुड व चन्दन का मिश्रण करके, घर के लोग महीने में एक बार अमावस्या के दिन गुरु मंत्र अथवा लक्ष्मी-नारायण का जप करते हुए ५-५ आहुतियाँ देकर हवन करें l
Kolkatta-21st Oct. 2011
Kolkatta-21st Oct. 2011
Labels:
आर्थिक(Financial)
Tuesday, November 8, 2011
आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो
किसी को आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो भोम प्रदोष योग हो (जो ६ मार्च २०१२, २५ दिसम्बर २०१२ को है ) उस दिन शाम को सूर्य अस्त के समय घर के आसपास कोई शिवजी का मंदिर हो तो जाए और ५ बत्ती वाला दीपक जलाये और थोड़ी देर जप करें :
ये मंत्र बोले :-
ॐ भौमाय नमः
ॐ मंगलाय नमः
ॐ भुजाय नमः
ॐ रुन्ह्र्ताय नमः
ॐ भूमिपुत्राय नमः
ॐ अंगारकाय नमः
और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:-
" गर्णी गर्भ शंभुतं , विधुत कान्ति समप्रभ
कुमारं शक्ति हस्त , मंगलं प्रणाममहं "
ये मंत्र बोले :-
ॐ भौमाय नमः
ॐ मंगलाय नमः
ॐ भुजाय नमः
ॐ रुन्ह्र्ताय नमः
ॐ भूमिपुत्राय नमः
ॐ अंगारकाय नमः
और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:-
" गर्णी गर्भ शंभुतं , विधुत कान्ति समप्रभ
कुमारं शक्ति हस्त , मंगलं प्रणाममहं "
- Shree Sureshanandji 6th Nov, 2011
Saturday, November 5, 2011
मनोकामना पूर्ति के लिए |
किसी कार्य (नौकरी, धंधे )मे सफलता नहीं मिलती हो तो आशा दशमी का लाभ लें |
कार्तिक शुक्ल दशमी को आशा दशमी कहते हैं | कार्तिक शुक्ल दशमी की सुबह गुरुदेव का सुमिरन करके दीपक जलाकर घर पर ही पूजा की जगह पर रख दें| या आस पास देवालय हो तो वहां रख दें| फिर मंत्र बोलें-
कार्तिक शुक्ल दशमी को आशा दशमी कहते हैं | कार्तिक शुक्ल दशमी की सुबह गुरुदेव का सुमिरन करके दीपक जलाकर घर पर ही पूजा की जगह पर रख दें| या आस पास देवालय हो तो वहां रख दें| फिर मंत्र बोलें-
आशाः स्वासाह सदा सन्तु सिद्ध्यन्ताम मे मनोरथा|
भवतिनाम प्रसादेन सदा कल्यानमसिद्वती||
श्री सुरेशानादजी अहमदाबाद 31 अक्टूबर 2011
Subscribe to:
Posts (Atom)