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Thursday, January 14, 2010

शीत ऋतु के बलवर्धक प्रयोग

मखाने और सूखे सिंघाड़े - दोनों आधा-आधा किलो की मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीसकर मिला लें तथा बरनी (जार) में भरकर रख लें l प्रतिदिन सुबह खाली पेट १ चम्मच (५ ग्राम) पिसी मिश्री मिलाकर एक गिलास दूध के साथ फांक लें या मिश्री दूध में घोल लें और चूर्ण फांक कर ऊपर से दूध पी लें l इसी प्रकार शाम को भोजन के ३ घंटे पहले भी सेवन करें l तीन महीने तक यह प्रयोग करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट होगा l
नोट : (मखाने खरीदते समय अच्छी तरह देख लें, कहीं उनमे कीड़े तो नहीं हैं l)

विदारीकन्द (विधारा) और अश्वगंधा आधा-आधा किलो की मात्रा में लेकर अलग-अलग पीसकर छान लें l इस मिश्रण में एक किलो पिसी हुई मिश्री मिलाकर तीन बार छननी से छानें ताकि तीनों अच्छे से मिश्रित हो जायें l इसे कांच के बर्तन में भरकर रख लें l रोज़ १-१ चम्मच (५-५ ग्राम) चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ ३ माह तक लें l दूध न मिल सके तो शहद में मिलाकर चाट लें l पानी के साथ भी ले सकते हैं l यह बहुत बलवर्धक प्रयोग है l

- मलाई में पिसी मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट खाने से शरीर पुष्ट, सुडौल और शक्तिशाली होता है l इसके सेवन से पेट की जलन, वातप्रकोप (गैस), पितप्रकोप (एसिडिटी), प्यास और पेट में बड़ी हुई गर्मी का शमन होता है l चेहरे की त्वचा पर मलाई का लेप लगाने से त्वचा कान्तिपूर्ण, चिकनी, मुलायम और स्वस्थ रहती हैं l दूध पीते समय मलाई हटानी नहीं चाहिए, सोने के २ घंटे पहले मलाई के साथ ही दूध पीना चाहिए l
 नोट : (कफ, खांसी, अपच तथा कब्ज़ के रोगी, ह्रदय रोगी और बड़े हुए कोलेस्ट्रोल वाले रोगी को मलाई का सेवन नहीं करना चाहिए l)

Techniques to improve strength during winter season

Fox nut (Makhana) and dry water chesnuts - Take half a kilo of each of them and grind them finely and store in a jar. Every morning on an empty stomach, take one spoon (5 grams) along with rock sugar mixed in a glass of milk or mix rock sugar in milk and take milk over a pinch of this mixture. You may also repeat this practice 3 hours before your eveniong meals. Continuing this dosage for three months helps make the body robust.
(Note: Before buying fox nuts, inspect them carefully to check they dont have any insects)

- Vidirakanda (Vidhara) and Ashwagandha - Take half a kilo of each of them, grind them separately and sieve them. In this mixture, add a kilo of rounded rock sugar and sieve them thrice so that they get mixed properly. Store them in glass container. Take 1 spoon (5 grams) daily in morning and evening with milk regularly for three months. If you cannot have it with milk every time, then you may also lick it with honey or with little water. This practice provides tremendous strength to the body.

- Take grounded rock sugar along with milk cream on an empty stomach every morning makes the body healthy, supple and strong. Consuming this helps get rid of burning sensation in stomach, hyper acidity, high thirst and any excessive heat accumulated in the stomach. Rubbing cream on face makes the skin soft, glowing, healthy and brings forth a radiating persona. Never remove the cream when you have milk. Also, you must have milk with the cream, two hours before going to sleep.

 Lok Kalyan Setu –Dec. 2009

Wednesday, January 6, 2010

ग्रहण के समय निर्देश

चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण एक ही महीने में होते रहते हैं .... अगर चंद्रग्रहण पहले हो और सूर्यग्रहण बाद में होता है तो समझ लेना शारीरिक बल और बौद्धिक बल के बीच कलह बदने वाला है ... श्रमिक और बुद्धिजीवियों में कलह बढेगी .... ब्राह्मण और क्षत्रिय (बुद्धिमान और साहसी) के बीच झगडा होगा l अगर सूर्यग्रहण पहले हो और चंद्रग्रहण बाद में होता है तो समझ लेना कि सम्पदा बढेगी l

चंद्रग्रहण के समय किया हुआ जप लाख गुना फलदायी होता है और सूर्यग्रहण के समय किया हुआ जप १० लाख गुना फलदायी होता है l


करने योग्य :-

1. ग्रहण के समय भगवान का चिंतन, जप, ध्यान करने पर उसका लाख गुना फल मिलता है ,सूर्य ग्रहण के समय हज़ार काम छोड़ कर मौन और जप करिए l

2. सूर्य ग्रहण लगने के पहले खान - पान ऐसा करिए कि आपको बाथरूम में ना जाना पड़े l

3. भगवान सूर्य का भ्रूमध्य में ध्यान करने से बच्चे बुद्धिमान बनेंगे l

ना करने योग्य :-

1. ग्रहण के समय सोने से रोग बड़ते हैं l

2. ग्रहण के समय सम्भोग करने से सूअर की योनि मिलती है l

3. ग्रहण के समय मूत्र त्याग नहीं करना चाहिए, दरिद्रता आती है l

4. ग्रहण के समय धोखाधड़ी और ठगाई करने से सर्पयोनी मिलती है l

5. ग्रहण के समय शौच नहीं जाना चाहिए, वर्ना पेट में कृमि होने लगते हैं l

6. ग्रहण के समय जीव-जंतु या किसी की हत्या हो जाय तो नारकीय योनि में जाना पड़ता है l

7. ग्रहण के समय भोजन मालिश करने वाले को कुष्ट रोग हो जाता है l

8. ग्रहण के समय पत्ते, तिनके, लकड़ी, फूल आदि नहीं तोड़ने चाहिए l

9. स्कन्द पुराण के अनुसार ग्रहण के समय दूसरे का अन्न खाने से १२ साल का किया हुआ जप, तप, दान स्वाहा हो जाता है l

10. ग्रहण के समय अपने घर की चीज़ों में कुश, तुलसी के पत्ते अथवा तिल डाल देने चाहिए l

11. सूर्य ग्रहण के समय रुद्राक्ष की माला धारण करने से पाप नाश हो जाते हैं l

12. सूर्य ग्रहण के समय दीक्षा अथवा दीक्षा लिए हुए मंत्र का जप करने से सिद्धि हो जाती है l

Ujjain 14th Jan. 2010


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Guidelines on Eclipse

Dos :-
  1. If you observe Maun (silence) during an eclipse, perform Japa (chant) & Dhyan (meditation), then, it will be 1,00,000 times more fruitful than a normal day. So, one should set aside thousands of other chores during an eclipse & perform Japa (chant) and observe Maun (silence).
  2. Before an eclipse, eat or drink in such a way that you do not need to go to the washroom frequently.
  3. Meditating on the Sun God in the bhrikuti (space between the eyebrows), children will become intelligent.


  1. Don’ts :-


    1. Sleeping is strictly prohibited during eclipse . Any one who sleeps during the eclipse will surely catch any disease.
    2. Urination during eclipse will bring poverty to you. Be aware of this.
    3. If one goes to the lavatory during an eclipse, it will lead to ‘krimi rog’ (worms) in stomach.
    4. Sexual activity during eclipse is prohibited as it will lead to birth in pig's body in next life. This is for sure.
    5.Cheating, looting during time of eclipse will lead to birth in snake's body in next life.
    6. At the time of eclipse if insect, animal or anyone is killed then he/she has to wander in hell.
    7. At the time of eclipse, taking food or doing massage will give the disease of leprosy



Eclipse :- 20th May' 2012

Tuesday, December 29, 2009

प्रसूति के लिए

गर्भवती महिला, जब ९वां महीना हो जाये तो बादाम रोगन ८-१० ग्राम दूध में डालकर पी ले l प्रसूति की पीड़ा या प्रसूति की तकलीफें इतनी ज्यादा नहीं होंगी और प्रसूति आराम से होगी l

Surat 26th Dec. 09

Saturday, December 19, 2009

हाथों की शक्ति जगाने के लिए

" मम आरोग्य शक्ति जाग्रय जाग्रय" ऐसा जपते हुए हथेलियों को आपस में रगड़ें और शरीर के जिस हिस्से में परेशानी हो, वहां हथेलियों को रखें l


Pujya Bapuji Satsang

Tuesday, December 15, 2009

विघ्न-बाधा में

आदित्य ह्रदय स्तोत्र http://hariomgroup.net/hariombooks/paath/adityahruday_stotra.pdf भगवान रामजी को अगस्त्य मुनि ने दिया था l आदित्य ह्रदय स्तोत्र ३ बार जपने से विघ्न-बाधा व आरोप लगाने वालों को सफलता नहीं मिलती l

11th Dec. 2009

Wednesday, November 25, 2009

खांसी

आधा चम्मच तुलसी का रस और उतना ही अदरक का रस मिलाकर लेने से लाभ होता है l

Rishi Prasad - Nov. 2009


अस्थिरोग

जिनकी अस्थियाँ जकड गयी हो, टूट गयी हों, टेडी-मेढ़ी हो गयी हों अथवा जिनकी अस्थियों में पीड़ा होती हो, उनके लिए शीत ऋतू में लहसुन का उचित मात्रा में सेवन बहुत लाभदायी है l लहसुन के छिलके उतारकर रात को खट्टी छाछ में बिघोकर रखें l सुबह धोके पीसकर रस निकालें l १ से ४ ग्राम रस में उतना ही तिल का तेल अथवा घी मिलाकर पियें l आहार सात्विक, सुपाच्य लें l

सावधानी : लहसुन तामसी होने के कारण रुग्णावस्था में भी इसका सेवन औषधवत करना चाहिए l

Rishi Prasad - Nov. 2009

दीर्घायु के लिए

२ ग्राम सौंठ में पानी मिलाकर रात को लोहे की कड़ाही के अंदर लेप करें l प्रातः काल वह सौंठ दूंध में मिलाकर पीने से दीर्घायुश की प्राप्ति होती है l

Rishi Prasad - Nov. 2009

Thursday, November 19, 2009

खांसी में

अब जाड़ों के दिन हैं, सर्दी की शिकायत होगी, खांसी व कफ की शिकायत होगी l दायें नथुने से श्वास लिया और रोका l एक से सवा मिनट श्वास रोका और मन में जप करो "नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा" l फिर बायें नथुने से श्वास निकाल दो l जिसको सर्दी है तो ४ से ५ बार करें, ज्यादा नहीं l लेकिन सूखी खांसी हो तो वे लोग ये प्राणायाम ना करें l सूखी खांसी में घी के मालपुए बनाकर दूध में डूबा दो l २ घंटे तक डूब जाएँ, फिर वो मालपुए खा लो l सूखी खांसी में आराम होगा l

Ullasnagar – 8th Nov. 2009

Saturday, November 14, 2009

भूत-प्रेत भागने के लिए

भूत-पिशाच जहाँ रहते हैं, वहां गाय खड़ी कर दो, गाय की सुगंध से भूत अपने आप भागेंगे l किसी के घर में भूत-प्रेत का वास हो, तो गाय का गोबर अथवा गाय का झरण छिटका करो l गाय का कंडा जलाओ, उस पे थोड़ा गाय का घी डाल दो, अपने आप भागेंगे, भागना नहीं पड़ेगा l अगर किसी व्यक्ति के अंदर भूत घुसे हैं तो उसे उसी धूप वाले कमरे में बिठाओ, भाग जायेंगे l

Ghaziabad – 4th Nov. 2009

Friday, November 13, 2009

रेशमी बालों के लिए

बालों को रेशम जैसा करना है तो गौझरण अर्क से बाल ज़रा गीले कर लें और आधा या एक घंटे बाद नहा लो l जुएँ सदा के लिए गायब और बाल रेशम जैसे होंगे l अगर बाल और रेशम जैसे करने हैं तो गौझरण अर्क में गिलोय, थोड़ी से मिलाकर बालों को लगा दें l फिर थोड़ी देर के बाद भले स्नान कर लें, बाल रेशम जैसे होंगे l

Ghaziabad – 3rd Nov. 2009

वायु की तकलीफ में

वायु की तकलीफ है, जोडों का दर्द है तो १०-१५ तुलसी के पत्ते, १-२ काली मिर्च, १०-१५ ग्राम गाय का घी मिलाकर खाया करें l वायु सम्बन्धी बीमारियों में आराम होगा l

Ghaziabad – 2nd Nov. 2009