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Wednesday 25 November 2009

खांसी

आधा चम्मच तुलसी का रस और उतना ही अदरक का रस मिलाकर लेने से लाभ होता है l

Rishi Prasad - Nov. 2009


अस्थिरोग

जिनकी अस्थियाँ जकड गयी हो, टूट गयी हों, टेडी-मेढ़ी हो गयी हों अथवा जिनकी अस्थियों में पीड़ा होती हो, उनके लिए शीत ऋतू में लहसुन का उचित मात्रा में सेवन बहुत लाभदायी है l लहसुन के छिलके उतारकर रात को खट्टी छाछ में बिघोकर रखें l सुबह धोके पीसकर रस निकालें l १ से ४ ग्राम रस में उतना ही तिल का तेल अथवा घी मिलाकर पियें l आहार सात्विक, सुपाच्य लें l

सावधानी : लहसुन तामसी होने के कारण रुग्णावस्था में भी इसका सेवन औषधवत करना चाहिए l

Rishi Prasad - Nov. 2009

दीर्घायु के लिए

२ ग्राम सौंठ में पानी मिलाकर रात को लोहे की कड़ाही के अंदर लेप करें l प्रातः काल वह सौंठ दूंध में मिलाकर पीने से दीर्घायुश की प्राप्ति होती है l

Rishi Prasad - Nov. 2009

Thursday 19 November 2009

खांसी में

अब जाड़ों के दिन हैं, सर्दी की शिकायत होगी, खांसी व कफ की शिकायत होगी l दायें नथुने से श्वास लिया और रोका l एक से सवा मिनट श्वास रोका और मन में जप करो "नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा" l फिर बायें नथुने से श्वास निकाल दो l जिसको सर्दी है तो ४ से ५ बार करें, ज्यादा नहीं l लेकिन सूखी खांसी हो तो वे लोग ये प्राणायाम ना करें l सूखी खांसी में घी के मालपुए बनाकर दूध में डूबा दो l २ घंटे तक डूब जाएँ, फिर वो मालपुए खा लो l सूखी खांसी में आराम होगा l

Ullasnagar – 8th Nov. 2009

Saturday 14 November 2009

भूत-प्रेत भागने के लिए

भूत-पिशाच जहाँ रहते हैं, वहां गाय खड़ी कर दो, गाय की सुगंध से भूत अपने आप भागेंगे l किसी के घर में भूत-प्रेत का वास हो, तो गाय का गोबर अथवा गाय का झरण छिटका करो l गाय का कंडा जलाओ, उस पे थोड़ा गाय का घी डाल दो, अपने आप भागेंगे, भागना नहीं पड़ेगा l अगर किसी व्यक्ति के अंदर भूत घुसे हैं तो उसे उसी धूप वाले कमरे में बिठाओ, भाग जायेंगे l

Ghaziabad – 4th Nov. 2009

Friday 13 November 2009

रेशमी बालों के लिए

बालों को रेशम जैसा करना है तो गौझरण अर्क से बाल ज़रा गीले कर लें और आधा या एक घंटे बाद नहा लो l जुएँ सदा के लिए गायब और बाल रेशम जैसे होंगे l अगर बाल और रेशम जैसे करने हैं तो गौझरण अर्क में गिलोय, थोड़ी से मिलाकर बालों को लगा दें l फिर थोड़ी देर के बाद भले स्नान कर लें, बाल रेशम जैसे होंगे l

Ghaziabad – 3rd Nov. 2009

वायु की तकलीफ में

वायु की तकलीफ है, जोडों का दर्द है तो १०-१५ तुलसी के पत्ते, १-२ काली मिर्च, १०-१५ ग्राम गाय का घी मिलाकर खाया करें l वायु सम्बन्धी बीमारियों में आराम होगा l

Ghaziabad – 2nd Nov. 2009

सुन्दर संतान प्राप्ति के लिए

गर्भवती महिला हो, वो भोजन के बाद सौंफ चबा-चबा कर खाए, तो उसको गोरी व सुन्दर संतान प्राप्त होगी l

Ghaziabad – 2nd Nov. 2009

पेट में कृमि

बच्चों को पेट में कृमि (कीडों) की शंका हो तो तुलसी व पुदीना के १०-१० पत्ते, गुड़ में मिलाकर दो l पेट के कीडों से बच्चे की रक्षा हो जायेगी l ऐसा २-४ महीने करें l

Ghaziabad – 2nd Nov. 2009

बुढ़ापा दूर करने के लिए

आंवले का रस, गाय का घी, शहद व मिश्री चारों समभाग १५-१५ ग्राम लेकर मिला लो l बुढ़ापा दूर करने के लिए ये रसायन है l इसे सुबह खाली पेट लो तथा उसके बाद २ घंटे तक कुछ ना लो, तो ये रसायन आपके शरीर में स्थायी यौवन का काम करेगा और बुढ़ापा दूर रहेगा l लेकिन जिन्हें diabities है, वे ये प्रयोग ना करें, वे पहले करेले वाला प्रयोग करें http://successful-life-tips.blogspot.com/2009/07/diabetes.html, फिर diabities मिटने के बाद ये प्रयोग करें l

Ghaziabad – 2nd Nov. 2009

सौन्दर्य निखार

तुलसी के पत्तों का रस चेहरे पर लगाने से सौंदर्य निखरता है l

Ghaziabad – 2nd Nov. 2009

Wednesday 11 November 2009

पेट सम्बन्धी तकलीफों में

नींबू के रस में सौंफ भिगो दें और जितना नींबू का रस, सौंफ पी ले ...पी ले l फिर सौंफ में थोड़ा काला नमक या संत कृपा चूर्ण मिलाकर तवे में सेंक कर रख दो l ये लेने से पेट का भारीपन, बदहाजमा दूर होगा और भूख खुलकर लगेगी l कब्ज़ की तकलीफ भी ठीक हो जायेगी l

Baroda – 31st Oct. 2009

पीपल की पत्तियों का रस व मिश्री प्रयोग

पीपल की कोमल पत्तियों का रस १० ग्राम और थोड़ी मिश्री मिलाकर सुबह-शाम पियो l ह्रदय बलवान होगा, कितना भी Heart Attack का भय हो अथवा मस्तिस्क की कमजोरी हो, अपने आप ठीक हो जायेगा l मूर्छा आती हो, मिर्गी आती हो, उन्माद चड़ता हो, जुकाम और नजले की तकलीफ हो ......... बस ! ये अक्सीर इलाज है l

Baroda – 31st Oct. 2009

त्वचा का रंग निखारने के लिए

अगर किसी को त्वचा का रंग निखारना हो तो हल्दी व मक्खन अथवा हल्दी व सरसों का तेल मिलाकर, जहाँ काली त्वचा हो, वहां लगाकर सो जाओ और अगले दिन गुनगुने पानी से धो लो, रंग निखरेगा l

Baroda – 31st Oct. 2009

अथर्व मंत्र विधि

कोई भी रोग हो, कोई भी परेशानी हो "ॐ अच्युताय नमः, ॐ गोविन्दाय नमः, ॐ अनंताय नमः नामभेशजात" (अच्युताय नमः - जो कभी चुय्त नहीं होते, गोविन्दाय नमः - जिनकी सत्ता से इन्द्रियाँ विचरण करती हैं, अनंताय नमः- जिसकी सत्ता से शक्ति, सामर्थ्य व कृपा का कोई अंत नहीं) इस मंत्र से अभिमंत्रित करके गंगा जल या तुलसी के पत्ते खाएं या दूसरों को दें तो रोगों व नीच विचारों में गिरने से बचता है l इसे बोलते हैं, अथर्व मंत्र विधि ........... ऐसा रोज़ सुमिरन करें l
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Baroda – 1st Nov. 2009

Tuesday 10 November 2009

प्रार्थना का तरीका

असफलता की पीड़ा से पीड़ित होकर जब हम शांत होते हैं तो फिर विधान हमें सामर्थ्य, सत्बुद्धि और सत्प्रेरणा देता है l जब आप थक जाओ तो एकांत में बैठकर प्रार्थना करके थोड़ा शांत हो जाओ l कैसी भी समस्याएं व दुःख, प्रार्थना करके शांत होने की पद्धति आपके हाथ आ गयी तो 8 वी, नहीं तो 9 वी प्रार्थना में तो तुम्हारी आवाज़ परम सत्ता तक पहुँच जाती है और आपको मदद मिलती ही है, बिलकुल पक्की बात है l
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Baroda – 30th Oct. 2009




"मेटत कठिन कुअंक भाल के"

अगर ३ रात्रियाँ उपवास करके, नीच कर्मो से अत्यंत उपराम होकर मौनी जैसा मन बनाकर, ३ रात्रि "ओंकार" का जप करें, तो दारिद्र्य दोष- धन का तो निवृत होता है, मति और गति की दरिद्रता भी शमन हो जाती है l "मेटत कठिन कुअंक भाल के" l भाग्य के कुअंक मिटाए जा सकते हैं l

Baroda – 31st Oct. 2009

वर्षा स्नान

बारिश के पानी में स्नान करने से बुदापे में लकवा, संधिवात (जोडों का दर्द) आदि की तकलीफें आती हैं l लेकिन धूप निकलती हो, उस समय वर्षा में स्नान करना अमृत स्नान माना गया है l

धारणा शक्ति बढ़ाने हेतु

मुलेठी का २ ग्राम चूर्ण, गाय के दूध में मिलाकर रोज़ पीने से धारणा शक्ति बढ़ेगी l

Baroda – 1st Nov. 2009

खोयी हुई आध्यात्मिक शक्ति पुनः प्राप्त करने के लिए

अगर आपने किसी कारण से आध्यात्मिक शक्ति खो दी है तो आसन पर बैठकर ह्रदय में अनाहत चक्र का ध्यान करें l ऋषि विश्वामित्र जी को भी इसी प्रयोग से खोई हुई शक्ति पुनः प्राप्त हुई थी l

Baroda – 1st Nov. 2009

आंवला प्रयोग

१०-२० मि.ग्रा. आंवले का रस कद्दूकस करके या मिक्सी में डालकर निकाल लें या २ किलो आंवले धोकर कुक्कर में डाल दो l पानी नहीं डालना है (१ घूँट डाल सकते हैं ) और धीमी आंच पर रख दें l आधी सीटी लगने पर उतार लें l फिर उसके बीज निकाल कर मावा बना दिया (घी में भी सेंक सकते है) l वो मावा फ्रिज में रख दिया l २० ग्राम रस बने, उतना मावा लेकर उसमे २ ग्राम अश्वगंधा चूर्ण मिला दो और सुबह खाली पेट लो और २ घंटे तक कुछ ना खाओ l गजब का वीर्यवान शरीर बनेगा l धातु क्षय व धातु दुर्बलता में बहुत फायदा होगा l इस मावे में राई का बघार देकर, धनिया, पुदीना आदि मिलाकर चटनी भी बना सकते हैं और भोजन के समय ले सकते हैं l

Baroda – 1st Nov. 2009

Thursday 5 November 2009

आरती के दीये

आरती करने में सम संख्या में दीये जलाते हैं तो फायदा नहीं होता l जैसे ४ दीये, ६ दीये, ८ दीये जलाओ तो फायदा नहीं होता l एकम दीये जलाओ (विषम संख्या में) १-३-५-७-९-११ जलाओ तो उससे विशेष फायदा होता है l ये दीप विज्ञान का, भक्ति विज्ञान का बड़ा सूक्ष्म सिद्धांत है l

Bodeli - 29th Oct. 2009