जब-जब समाज एक तरफ और आप अकेले पड़ जाएँ तो पहली उंगली भ्रूमध्य में और दूसरी ऊँगली और अंगूठे से नाक की तरफ आने वाली नाड़ी को पकड़ो ।
ॐ शांति........ॐ परमात्मने नमः.........सत्यं परम धीमहि । अपना गुरुमंत्र जपें । इससे अन्तः प्रेरणा जरूर मिलेगी ।
Bhuswal - 27th Dec 2010
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