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Wednesday, June 23, 2021

बुखार दूर करने हेतु.....

 

चरक संहिता के चित्किसा स्थान में ज्वार ( बुखार) की चित्किसा का विस्तृत वर्णन करने के बाद अंत में आचार्य श्री चरकजी ने कहा है :

विष्णुं सहस्रमूर्धानं चराचरपतिं विभुम ||

स्तुवन्नामह्स्त्रेण ज्वरान सर्वानपोहति |

‘हजार मस्तकवाले, चर-अचर  के स्वामी, व्यापक भगवान की सहस्त्रनाम से स्तुति करने से अर्थात विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से सब प्रकार के ज्वर छूट जाते हैं |’

(पाठ रुग्ण स्वयं अथवा उसके कुटुम्बी करे )



ऋषिप्रसाद – जून २०२१ से

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