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Tuesday, April 23, 2013

कोई रुठे हो तो –

जो अपने से नहीं बोलते जेठानी-देवरानी नहीं बोलती, पड़ोसन नहीं बोलते.... रुठे हुये है | आप अपने तरफ से बोलो ..... भले वो खदेड़ दे, लताड़ दे | उस समय लताड़ना, खदाडना कितना रहेगा | ये तो उनका ऊपर-ऊपर का है | गहराई में तो उनके भीतर तो तू ही है | आप विजयी हो जाओगे |
किसी बात पे वाद-विवाद हो जाने लग जाये तो आप जीभ तालू में लगा दे वाद-विवाद में बुद्धि, मन, जीवन क्यों खराब करों वाद-विवाद में आपकी चेतना क्यों खराब करों मै तो आपके गोद में आ गया हूँ | वाद-विवाद में शक्ति का ह्रास बच जाएगा और आपकी साधना सफल हो जायेगी |

If someone is sulked or annoyed with you

Those who sulk at others during family squabbles or in neighbourhood, then tell yourself: it does not matter how much they hate me now or show their annoyance or sulkiness with me, it is all superficial.. In everyone's core, only You reside, oh Lord. Then, you will win eventually.

If there is any quarrel, then immediately stick your tongue to the upper palate in your mouth. Why to waste your intellect, time and energy in small quarrels, I seek refuge in God. In this way, you will be able to save precious energy and will excel in your spiritual endeavours too.

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- Pujya Bapuji Ahmedabad 12th April' 2013

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