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Thursday, August 22, 2013

माला-अनुष्ठान के नियम –

•       शाम को जब माला पूरी हो जाये और अपने आसन से खड़े हो उसके पहले जो जप किया २५० – ३०० माला, जितनी भी की हो वो माला का फल गुरुचरणों में अर्पणकर देना चाहिये कि तेरा तुझको सौंप दें |

•       और अपने आसन से खड़े हो उसके पहले एक चम्मच शुद्ध जल वो अपने आसन के नीचे बैठे हुये ही आसन के नीचे डाल दें और फिर हाथ से लेकर अपने ललाट पर उसका तीलक कर लें, या छाँट दे इसका पूरा पूरा फल जप करने वाले को मिलता है | तो जो अनुष्ठान करते हैं ना उनको ये ख़ास ध्यान में रखना चाहिये, उनको ये फायदा होगा |
•       जप करते-करते कई बार क्या होता है कि अनुष्ठान में माला खूब करनी होती है ना तो कभी – कभी किसी को थोडा बीच में माला करते-करते झोंका आया.. माला छुट गई हाथ से तो फिर एक बार भगवान नाम बोलकर आचमन करके फिर माला शुरू करनी चाहिये |
•       समझो ५० माला की और ५१ वी माला चल रही है और उसमें माला हाथ से छुट गई  तो फिर ५१वी माला फिर से गिनना (५० नहीं ५० तो हो गई) जो माला छुट गई उससे गिनती करें आचमन करके या जैसा भी कुल्ला करके | तो उससे जप करने वाले को पूरा-पूरा फल प्राप्त होता है |
•       अनुष्ठान वालों को खास जब शाम को, रात को जब माला पूरी हो तब ऐसा कर  सके तो अच्छा हैं और जप का फल देवार्पण कर देने से विशेष लाभ होता है क्योंकि वो सोचेंगे की इसने अच्छा किया और वो फल मुझे अर्पण किया तो फिर हमारे जीवन में जो कुछ अशुभ का हिस्सा रह गया ना वो भी खींच लेगें अपनी
तरफ और फायदा हमको हो जायेगा, उनकी तरफ से |

Rules during Mala-Anusthaan
- During evening time, when you finish chanting your mala and get up from your mat, after say 250-300 rounds, whatever be the count, surrender all of it at Gurudev's feet, stating all that belongs to you if offered back to you.
- Before standing up on your mat, take a spoon of clear water and put it under your mat and then apply tilak on your forehead using the same water or sprinkle the water around so that the person doing chanting receives the entire benefits of it. Those performing anusthaan should remind themselves of this practice for best benefit.
- For those who have to chant a large number of rounds, it is possible that you may feel sleepy or drowsy... your mala may slip off from your hand... then recite Lord's name once and restart the round of mala after taking a sip of water.
- So, if you have completed say 50 rounds, and the mala slipped on your 51 round. Then after taking a sip or clearing your mouth with water, restart the 51st round. In this way, you shall get the full benefit of the anusthaan.
- Those performing anusthaan should benefit from the above by practicing submission of fruits of recitation to the Lord whenever they finish their daily rounds at evening or night time. In this way, pleased by our submission, the Gods will pull away our sins.

-   Shri Sureshanandji Ahmedabad 21st July' 2013

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