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Wednesday, July 4, 2012

जप में मन एकाग्र करने के लिये :-

जप करते समय मेरा मन एकाग्र नही होता ....क्या करूँ ? तो मन एकाग्र नहीं होता जप करते हुए एक माला हाथ में ली एक मोती घुमाया फिर एक बार मन्त्र मन में बोला एक बार मोती के साथ एक बार मन में बोला इससे भी मन एकाग्र हो जाता है | गहरा श्वास लेकर रोके और श्वास रोक कर जप करे जितनी देर रोक सके फिर श्वास को बाहर रोककर जप करे इससे भी मन जप में लग जाता है | रोज़ सुबह ५ बार एक प्रयोग करें श्वास गहरा लेकर छोड़ दिया सुबह खाली पेट करना अभी खाली सुन लो श्वास गहरा लेकर छोड़ दिया और उडियान बंध कर लिया माने पेट को अंदर की ओर खींचा | २०-२५ सेकंड तक बस फिर श्वास ले लिया दोबारा गहरा श्वास लेकर छोड़ दिया श्वास को बाहर रोककर २०-२५ सेकंड उडियान बंध किया और ये करते समय ध्यान आज्ञाचक्र पर हो | आँख बंद हो तो ध्यान आज्ञाचक्र पर और आँख खुली हों तो सामने गुरुदेव की तस्वीर को देखते रहें | ५ बार रोज़ करें देखना उनका मन जप में लगने लगेगा मेरा मन नही लगता ये प्रश्न ही खत्म हो जायेगा और जिसका मन लगने लगेगा उसके जीवन में से दुखद परिस्थितियाँ किनारा करने लगेंगी |

For concentration during mantra recitations:

When I recite I have a wavering mind…What should I do?...Recite once mantra on bead/mala and once in mind and then again on bead/mala will help in concentrating. Inhale deeply and recite your gurumantra, hold it as much as you can and then exhale. Exhale all air from your lungs and stay in that state and recite your gurumantra. This will help in calming the wavering mind. Every morning do this exercise 5 times, Inhale deeply and then exhale. Do this with an empty stomach. Inhale deeply and stay in that state and pull back the stomach inside as much as you can (Uddayan band). Stay still for 20-25 sec and then inhale; then again exhale and keep it that way for another 20-25 sec and pull back the stomach inside…At that time try to concentrate at a point in between the eyebrows if the eyes are closed but if open then concentrate on guru’s picture. Do this for 5 times daily…Never again will this question arise that I am unable to have single pointed concentration. Not only this the daily life problems will also start reducing from your life

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- Shri Sureshanandji Chandigarh 16th June' 2012

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